Composed in 2007 & reposting today...............
देश आज़ाद है , मिथिला आज़ाद अभी तक नहीं ,
मिथिला देश था , अब सम्पूर्ण क्षेत्र भी नहीं ॥
हम गरीब हैं , गरीबी नहीं मिटाते ,
हम कारीगर हैं ,कारोबार नहीं लगाते ,
हम विद्वान् हैं , विद्वता नहीं दिखाते ,
हम इतिहास सुनाते , वर्तमान नही संभालते ॥
देश आज़ाद है , मिथिला आज़ाद अभी तक नहीं ,
मिथिला देश था , अब सम्पूर्ण क्षेत्र भी नहीं ॥
हमारी पहचान सीता , अहिल्या के देश का नहीं ,
पहचान बनी है, लालू के देश का , मैथिल का नही ,
बिहार बेहाल , मिथिला की कोइ हाल ही नहीं ,
आज़ाद हैं हम, अपने विकास के अधिकारी नही ॥
देश आज़ाद है , मिथिला आज़ाद अभी तक नहीं ,
मिथिला देश था , अब सम्पूर्ण क्षेत्र भी नहीं ॥