प्रश्न नहीं जानोगे, तो जवाब कहाँ से लाओगे
(03/12/2007)
शेव, न्युटन और गुरुत्व के आकर्षण
ये यूँ ही नही, ये यूँ ही नही,
फल को पेड़ से विछुरना,
गिरना, पर क्यों
क्यों से कैसे नहीं जानोगे,
तो जवाब कहाँ से लाओगे
काली रात मे, सोच की दीपक
कब-तक, जब-तक सुबह् न हो
काली रात, सुबह उजाला
ये यूँ ही नही, ये यूँ ही नही,
कालचक्र नहीं जानोगे,
तो जवाब कहाँ से लाओगे
भजन नही तो, भक्ति कहाँ से लाओगे
भूख नहीं तो, रोटी कहाँ से लाओगे
लगन नही तो, भाव कहाँ से लाओगे
भुख, भजन और लगन
ये यूँ ही नही, ये यूँ ही नही,
जीवन् चक्र नही जानोगे
तो जवाब कहाँ से लाओगे
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